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मॉनसून फिर दिखाएगा तेवर, 70 KM की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं, जानें IMD का अपडेट

मॉनसून फिर दिखाएगा तेवर, 70 KM की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं, जानें IMD का अपडेट
नई दिल्ली। सितंबर की शुरुआत के साथ देश के कई हिस्सों में सुबह के मौसम में हल्का बदलाव महसूस होने लगा है, लेकिन दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की सक्रियता अभी बरकरार है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक 7 सितंबर को उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ आंधी-तूफान, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और इंडो-गंगेटिक प्लेन में सक्रिय ट्रफ के प्रभाव से मॉनसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं। इसके चलते अगले कुछ दिनों तक अलग-अलग राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
दिल्ली-NCR में बारिश के साथ तेज हवाओं का अनुमान
दिल्ली-NCR में 7 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहने और मध्यम बारिश होने की संभावना है। बारिश के दौरान गरज-चमक के साथ करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
हरियाणा, चंडीगढ़ और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश की संभावना है। पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम खराब रह सकता है।
उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश की संभावना
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 7 सितंबर को बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। पूर्वी हिस्सों में 7 और 8 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है।
लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव जैसी समस्या भी सामने आ सकती है।
उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का अनुमान है। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, हल्द्वानी, नैनीताल, रुद्रपुर, काशीपुर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल समेत कई क्षेत्रों में बारिश हो सकती है।
पहाड़ी इलाकों में लगातार या भारी बारिश होने की स्थिति में भूस्खलन, मिट्टी के कटाव और सड़क मार्ग बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है। 10 से 12 सितंबर के दौरान भी राज्य में मॉनसूनी गतिविधियों के तेज रहने का अनुमान है।
मध्य भारत में भी बरसेंगे बादल
मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मॉनसून सक्रिय रहने की संभावना है। पश्चिमी हिस्सों में 7 सितंबर को जबकि पूर्वी हिस्सों में 7-8 और फिर 11-12 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है।
विदर्भ में 10 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 8 से 12 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। भोपाल में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
बिहार से बंगाल तक बारिश के आसार
बिहार में 7 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। पटना में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
झारखंड में 8 से 11 सितंबर तक बारिश और गरज-चमक का दौर बने रहने का अनुमान है। रांची में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में 7 से 10 सितंबर तक बारिश होने का अनुमान है। उप-हिमालयी क्षेत्रों और सिक्किम में 7-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
ओडिशा में 10 से 12 सितंबर के दौरान बारिश का अनुमान है। पहले से जलभराव या बाढ़ जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहे क्षेत्रों में अतिरिक्त बारिश से नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है।
महाराष्ट्र और पश्चिमी तट पर भी बारिश
महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र और गोवा में 7 से 12 सितंबर तक कई जगह बारिश होने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
कोंकण तट के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। मुंबई में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
पूर्वोत्तर में मॉनसून सक्रिय
पूर्वोत्तर राज्यों में भी मॉनसूनी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 7 से 12 सितंबर के दौरान बारिश का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई क्षेत्रों में भी बारिश हो सकती है।
असम और मेघालय में 9 और 10 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत में कहीं-कहीं बारिश
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में उत्तर और मध्य भारत के मुकाबले बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में 7 से 12 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7 से 10 सितंबर तक गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 और 12 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
मछुआरों को समुद्र में सावधानी की सलाह
मौसम विभाग ने समुद्री क्षेत्रों को लेकर भी चेतावनी जारी की है। अरब सागर में 11 सितंबर तक सोमालिया और ओमान तट के आसपास कुछ समुद्री हिस्सों में प्रतिकूल परिस्थितियां रहने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में 8 से 11 सितंबर के दौरान दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण-पूर्व श्रीलंका के आसपास समुद्री परिस्थितियां खराब रह सकती हैं। संबंधित क्षेत्रों में मछुआरों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर सितंबर के दूसरे सप्ताह की शुरुआत में भी मॉनसून देश के बड़े हिस्से में सक्रिय रहने वाला है। मैदानी क्षेत्रों में आंधी, तेज हवा और बारिश जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है।
देखें सेटेलाइट की लेटेस्ट तस्वीर , समय - 7: 30 AM





